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सड़क पर गौवंश, खतरे में इंसानी जिंदगी: आखिर कब जागेगी सरकार भोपाल-बैरसिया मार्ग पर दर्दनाक हादसा, गाय की मौत और कार सवार गंभीर घायल, सड़कों पर बेसहारा गौवंश बना बड़ी चिंता

राजू गुर्जर,बैरसिया। भोपाल से बैरसिया आते समय सड़क पर एक ऐसा हादसा सामने आया, जिसने कुछ देर के लिए हर किसी को झकझोर दिया। तेज रफ्तार कार सड़क पर मंौजूद गाय से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गौवंश की सुरक्षा और इंसानी जिंदगी दोनों से जुड़ा गंभीर सवाल है। वैरसिया सहित प्रदेश के कई इलाकों में दिन-रात बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर बैठा और घूमता नजर आता है। खासकर रात के समय सड़क पर बैठी काली गायें वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देवीं। ऐसे में अचानक सामने आने वाला गौवंश जानलेवा हादसे का कारण बन जाता है। कभी गौवंश की मौत, कभी इंसान की जिंदगी पर संकट सड़कों पर खुले में घूमता गौवंश खुद भी हादसों का शिकार जाती है, तो दूसरी ओर बाहन अनियंत्रित होने से चालक और यात्रियों की जान पर बन आती है। हो रहा है और वाहन चालकों के लिए भी बढ़ खतरा बन रहा है। कई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से गायों की मौत हो सरकार और जनप्रतिनिधियों की ओर से गौ संरक्षण को लेकर लगातार बातें की जाती हैं। मंचों से ‘गौ माता की जय’ के नारे भी लगाए जाते हैं और गौ संरक्षण के लिए अनेक संगठन काम कर रहे हैं। इसके बावजूद यदि गौवंश सड़कों पर असुरक्षित घूमने को मजबूर है, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थायी समाधान की जरूरत मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। पर्याप्त और व्यवस्थित गौशालाएं, सड़कों से गौवंश हटाने की प्रभावी व्यवस्था, रात्रिकालीन निगरानी और पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने वालों को जबाबदेही तय करना जरूरी है। सिर्फ सरकारी व्यवस्था से ही समस्या का समाधान नहीं होगा। पशुपालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जिन लोगों की पालतू गायें हैं, उन्हें सड़‌कों पर खुला छोड़‌ना बंद करना होगा।नारे नहीं, ठोस व्यवस्था चाहिए गौ माता की रक्षा केबल नारों से नहीं, बल्कि व्यवस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से होगी। जरूरत इस बात की है कि सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि,गौ संरक्षण से जुड़े संगठन और समाज मिलकर ऐसा स्थायी समाधान तैयार करें, जिससे न गौवंश सड़क पर हादसों का शिकार हो और न किसी परिवार का चिराग सड़क दुर्घटना में बुझने का खतरा रहे।

    अब सवाल सीधा है-गौ माता और इंसानी जिंदगी की सुरक्षा के लिए सरकार कब ठोस और स्थायी निर्णय लेगी?
Loktantra Samachar